
रायपुर : धान खरीदी की तैयारियों से लेकर पेयजल प्रबंधन, ई-व्हीकल को बढ़ावा देने और सरकारी विभागों में रिक्त पदों की जानकारी जुटाने तक, राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के कामकाज को गति देने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभागीय योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्धारित लक्ष्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए और योजनाओं की प्रगति पर नियमित नजर रखी जाए। बैठक में शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव शामिल हुए। मुख्य सचिव ने विभागवार कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी जरूरी है।
समय पर धान खरीदी की तैयारी पूरी करने के दिए निर्देश
आगामी खरीफ विपणन वर्ष में धान खरीदी को लेकर सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। जल संसाधन विभाग को शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन तथा जल उपचार के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश मिले। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को सिटी वाटर प्लान विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप तैयार करने को कहा गया। वहीं, परिवहन विभाग को आने वाले समय में ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने और खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टरों के कामकाज पर रहेगी नजर
जिलों में सरकारी योजनाओं और विभागीय कार्यो की निगरानी को लेकर भी बैठक में अहम निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि कलेक्टरों के स्तर पर योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा सके। कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने और अक्टूबर माह के लिए पारस पोर्टल से जुड़े प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा शासन के सभी विधिक नियमों और निर्देशों की संदर्भ प्रतियां ई-गजट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकारियों और संबंधित विभागों को जरूरत के समय इनका आसानी से उपयोग करने में सुविधा हो।
30 सितंबर तक देनी हैं रिक्त पदों की जानकारी
कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में पेंशन प्रकरणों की भी विभागवार समीक्षा की गई। विभागाध्यक्षों को लंबित पेंशन मामलों की संख्या, उनके निराकरण में लगने वाले समय और प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने और कर्मचारियों के क्षमता निर्माण के लिए प्रत्येक विभाग को कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
15 से 22 अक्टूबर तक पूरी करें ग्राम सभाओं की तैयारी
बैठक में ग्राम सभाओं के आयोजन को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को 15 से 22 अक्टूबर तक निर्धारित अवधि में ग्राम सभाओं के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव और सेवा सेतु की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 38 विभागों की 907 सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने फायर सेफ्टी अधिनियम में आवश्यक सुधार की दिशा में कार्रवाई करने और माय भारत पोर्टल से संबंधित गतिविधियों को गति देने के निर्देश दिए।
नारकोटिक्स से जुड़ी जानकारी जुटाएगी टास्क फोर्स
बैठक में गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स के माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके बाद समेकित रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी। इससे अलग-अलग विभागों से प्राप्त सूचनाओं की एकीकृत रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्य सचिव ने बैठक के अंत में सभी विभागों को क्षमता निर्माण, विभागीय कार्यों की निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।