
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अधूरी सड़क से परेशान ग्रामीणों का विरोध इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम पंचायत कदमनारा में लोगों ने प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही के खिलाफ ऐसा अनोखा प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ग्रामीणों ने कीचड़ से लबालब भरी निर्माणाधीन सड़क पर धान की रोपाई कर यह संदेश दिया कि जब सड़क ही खेत बन गई है, तो उसमें खेती ही कर लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर शुरू हुआ सड़क निर्माण अब उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन चुका है।
15 दिन काम, फिर बंद... 5 किलोमीटर सड़क बनी दलदल
ग्रामीणों के मुताबिक, कदमनारा से लवनापारा तक करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य लगभग दो महीने पहले शुरू हुआ था। लेकिन ठेकेदार ने करीब 15 दिन काम करने के बाद निर्माण अधूरा छोड़ दिया। सड़क की खुदाई कर उसे उसी हालत में छोड़ दिया गया। लगातार बारिश के कारण पूरा मार्ग कीचड़ और दलदल में बदल गया है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
500 ग्रामीण रोज झेल रहे परेशानी, बच्चों और मरीजों पर सबसे ज्यादा असर
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 500 लोग आवाजाही करते हैं। लेकिन बरसात के दौरान सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का निकलना जोखिम भरा हो गया है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोज कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है। वहीं, आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को खाट या चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध, प्रशासन को दिया संदेश
लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कीचड़ से भरी सड़क पर धान का रोपा लगाकर प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सड़क का निर्माण समय पर पूरा नहीं हो सकता, तो कम से कम लोगों की परेशानी को देखते हुए तत्काल काम दोबारा शुरू कराया जाए।
कलेक्टर से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया कि 12 जुलाई को इस मामले की लिखित शिकायत कोरिया कलेक्टर को भी सौंपी गई थी। लेकिन करीब 15 दिन बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। इसी कथित उदासीनता के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क को ही धान का खेत बनाकर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- अधूरी सड़क का निर्माण तत्काल शुरू किया जाए।
- बरसात में आवाजाही के लिए अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
- निर्माण कार्य में हुई कथित लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
- ग्रामीणों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।