
रायपुर। रायपुर के गंज थाने में एक रसूखदार नायब तहसीलदार के खिलाफ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने बीते 26 मई को आरोपी अधिकारी के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई थी। लेकिन, सिस्टम की विडंबना देखिए कि एफआईआर दर्ज हुए 15 दिन से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, इसके बावजूद आरोपी नायब तहसीलदार पुलिस की गिरफ्त से बाहर खुलेआम घूम रहा है। पुलिस की इस सुस्त कार्यप्रणाली से आहत पीड़िता ने अब न्याय के लिए गुहार लगाते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोशल मीडिया से हुई दोस्ती, फिर बुना साजिश का जाल
गंज पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी शैलेंद्र दिवाकर वर्तमान में सूरजपुर जिले में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ है। पीड़िता ने बताया कि उसकी और शैलेंद्र की पहली मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे चैटिंग का सिलसिला बढ़ा और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। आरोप है कि इस दौरान आरोपी शैलेंद्र ने अधिकारी होने का रौब दिखाया और उसे अपने प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया।
होटल में ले जाकर लूटी अस्मत, फिर वादे से मुकरा
एफआईआर के मुताबिक, मेल-जोल बढ़ने के बाद एक दिन आरोपी नायब तहसीलदार शैलेंद्र दिवाकर पीड़िता को लेकर रायपुर के गंज थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में पहुंचा। यहां उसने शादी का पक्का प्रलोभन देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद जब पीड़िता ने वादे के मुताबिक शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अधिकारी अपनी बात से मुकर गया और शादी से साफ इनकार कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस कर पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और 26 मई को गंज थाने में दुष्कर्म की धारा में मामला दर्ज कराया।
क्या दबाव में है पुलिस? पीड़िता का छलका दर्द
केस दर्ज होने के दो सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी एक रसूखदार राजपत्रित अधिकारी है, जिसके चलते पुलिस हाथ डालने से कतरा रही है। उसका कहना है कि आरोपी शैलेंद्र के परिजन लगातार रायपुर पुलिस के संपर्क में हैं और केस को रफा-दफा करने के लिए भारी दबाव बना रहे हैं।