
बिलासपुर : सुबह-सुबह सिम्स अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को निरीक्षण के दौरान कई जगह सुधार की जरूरत नजर आई। सर्जिकल वार्ड के सामने उखड़ी फर्श देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई और तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। मरीजों को स्ट्रेचर से लाने-ले जाने में परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी स्थानों पर स्लोप बनाने को भी कहा। मंत्री ने साफ निर्देश दिए कि अस्पताल में जरूरी मरम्मत के काम सरकारी फंड का इंतजार करते हुए न टाले जाएं। स्वशासी समिति से अनुमोदन लेकर ऐसे काम तत्काल शुरू कराए जाएं।
उखड़ी फर्श और जर्जर हिस्सों पर मंत्री की नजर
स्वास्थ्य मंत्री के अचानक सिम्स पहुंचने से अस्पताल प्रबंधन में हलचल मच गई। उन्होंने कैजुअल्टी, सर्जिकल, लेबर सहित विभिन्न वार्डो का निरीक्षण किया। इस दौरान सर्जिकल वार्ड के सामने फर्श उखड़ी हुई मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मरीजों की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक स्थानों पर स्लोप बनाने और भवन के जर्जर हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल भवन में जहां भी तत्काल सुधार की जरूरत है, वहां काम शुरू कराने में देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए केवल शासन से राशि मिलने का इंतजार करना उचित नहीं है। स्वशासी समिति से अनुमोदन लेकर जरूरी मरम्मत कार्य तत्काल कराए जाएं, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
1956 के भवन में चल रहा सिम्स, मरम्मत के लिए 1.5 करोड़ का प्रस्ताव
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, भवन के विभिन्न हिस्सों की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्यों के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने इन व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी काम तत्काल कराने के निर्देश दिए।
मरीजों से की पूछताछ, ईलाज और दवाईयों की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों से इलाज, दवाइयों की उपलब्धता, जांच और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। एक मरीज ने मंत्री को बताया कि उसे अस्पताल में ही दवा, इलाज और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। मरीज से मिले फीडबैक के बाद मंत्री ने संतोष जताया। इसके साथ ही उन्होंने डीन डॉ. रमणेश मूर्ति और अधीक्षक डॉ. लखन सिंह से अस्पताल की कार्यप्रणाली, विभिन्न वार्डो की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।