बेमेतरा सामूहिक विवाह में अव्यवस्था पर भड़के रमन सिंह कलेक्टर एसपी को मंच से लगाई फटकार
Author: Manishankar PandeyPublished: 01 Jun 2026
रायपुर। बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के दो दो उपमुख्यमंत्री मौजूद थे। आयोजन की बदइंतजामी को देखकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मंच से ही माइक पर जिला प्रशासन और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उनकी इस नाराजगी का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
डॉ रमन सिंह ने बेमेतरा के कलेक्टर और एसपी को सीधे निशाने पर लिया और कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुरूप बिल्कुल नहीं था। उन्होंने अधिकारियों को लताड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पीछे से स्वागत करने का यह कौन सा तरीका है। प्रशासन की नाकामी पर तीखा सवाल उठाते हुए रमन सिंह ने कहा कि अधिकारी ढाई घंटे बीत जाने के बाद भी एक वैकल्पिक जगह तक नहीं खोज पाए। उन्होंने अपने 15 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने आज तक प्रदेश में इतनी बड़ी अव्यवस्था कभी नहीं देखी। उनका यह कड़ा तेवर देखकर वहां मौजूद प्रशासन के सभी अधिकारी सन्न रह गए।
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यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम रविवार को बेमेतरा शहर के बेसिक स्कूल ग्राउंड में रखा गया था। यह आयोजन इसलिए भी सुर्खियों में रहा क्योंकि इसमें बेमेतरा के भाजपा विधायक दीपेश साहू ने तरुणा साहू के साथ सात फेरे लिए। उनके साथ 23 अन्य गरीब जोड़ों की भी शादी कराई गई। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी मौजूदा विधायक ने सामूहिक विवाह योजना के तहत इस तरह अपनी शादी रचाई हो।
विधायक की बारात पूरी तरह से देसी और पारंपरिक अंदाज में निकाली गई थी। सभी बाराती बैलगाड़ी से आयोजन स्थल तक पहुंचे थे। इस बारात की सबसे खास बात यह रही कि बैलगाड़ी को खुद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव हांक रहे थे। इस शादी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा समेत कई बड़े दिग्गज नेता शामिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में वीआईपी मेहमानों के पहुंचने के बावजूद प्रशासन की तैयारियां पूरी तरह नाकाफी साबित हुईं और इसी वजह से डॉ रमन सिंह को मंच से अपनी गहरी नाराजगी जाहिर करनी पड़ी।
एक तरफ भाजपा इस आयोजन को सादगी का बड़ा प्रतीक बता रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा विधायक के सामूहिक विवाह में शामिल होने को गरीबों के हक पर सीधा डाका बताया है। विपक्षी दल का कहना है कि भाजपा सरकार और उनके नेता इस तरह की शादी करके सिर्फ प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से दिखावा है और इसके जरिए उन असली गरीब परिवारों का हक छीना जा रहा है जिनके लिए यह सरकारी योजना बनाई गई थी। अब इस हाई प्रोफाइल शादी और रमन सिंह की फटकार को लेकर प्रदेश की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है।
Manishankar Pandey
मणिशंकर पांडेय Rashtriya Jagat Pahal के संस्थापक, मालिक एवं प्रबंध संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।