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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब गंभीर और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। आज सुबह होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरानी शहर बंदर खमीर में बड़ा हमला होने की खबर सामने आई है, जिससे क्षेत्र में दहशत और अस्थिरता बढ़ गई है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। हमला शहर के घाट इलाके में हुआ, जो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इजरायली सेना ने दावा किया है कि यह हमला ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया। उनके मुताबिक, हथियार भंडारण केंद्र, उत्पादन इकाइयों और एयर डिफेंस सिस्टम को टारगेट किया गया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हमले से पहले राजधानी तेहरान में भी कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे यह संकेत मिलता है कि कार्रवाई एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा हो सकती है। मिडिल ईस्ट में चल रहे इस संघर्ष को अब एक महीने से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं। दोनों पक्षों में कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है।
इस बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते हुए खाड़ी क्षेत्र में USS Tripoli युद्धपोत को तैनात कर दिया है, जिसमें करीब 3500 अतिरिक्त सैनिक और आधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के रणनीतिक इलाकों जैसे खार्ग द्वीप और होर्मुज स्ट्रेट पर संभावित कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य टकराव वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह तनाव बड़े युद्ध में बदलता है या फिर कूटनीतिक प्रयासों से हालात को संभाला जा सकेगा।




