नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व एशिया में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुक्का क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के बाद संभावित सुनामी को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया, जिससे तटीय इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

समुद्र के भीतर था केंद्र, इसलिए बढ़ा खतरा
भूकंप का केंद्र उत्तरी मोलुक्का सागर में टेरनाटे क्षेत्र के पास समुद्र के भीतर स्थित था। इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई, जो इसे और अधिक खतरनाक बनाती है। कम गहराई वाले भूकंप आमतौर पर ज्यादा विनाशकारी होते हैं, क्योंकि इनके झटके सतह पर अधिक तीव्रता से महसूस होते हैं।

7.8 तीव्रता से कांपी धरती
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.8 तक दर्ज की गई, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह 7.4 भी बताई गई है। तेज झटकों के कारण कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।

सुनामी का खतरा, लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह
भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी कर दी। लोगों को सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों में जाने की सलाह दी गई है।स्थानीय प्रशासन और आपदा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलीपींस और मलेशिया में भी अलर्ट
भूकंप का असर केवल इंडोनेशिया तक सीमित नहीं रहा। पड़ोसी देशों फिलीपींस और मलेशिया के तटीय क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया गया है। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां संभावित समुद्री लहरों और आफ्टरशॉक्स को लेकर सतर्क हैं।

आफ्टरशॉक्स से बढ़ी चिंता
मुख्य भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए हैं, जिनकी तीव्रता 5 तक बताई जा रही है। इससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लगातार सतर्कता बरती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आफ्टरशॉक्स आने वाले कुछ समय तक जारी रह सकते हैं।

‘रिंग ऑफ फायर’ में होने से बढ़ता है खतरा
इंडोनेशिया पृथ्वी के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक, ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। इस वजह से यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां होती रहती हैं। इसी कारण ऐसे प्राकृतिक आपदाओं का खतरा यहां हमेशा बना रहता है।

राहत और बचाव अभियान जारी
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं। क्षतिग्रस्त इमारतों का आकलन किया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।